. प्रथम नागरिक
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏
राष्ट्रपति का पद किसी जाति की पहचान नहीं, किसी धर्म की पहचान नहीं, किसी पार्टी की पहचान नहीं, और न ही पढ़ा लिखा होना जरूरी है।
यह पद उस सोच और आचरण का परिणाम है —
जो राजशाही में नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मिट्टी में पालन पौषण हुआ हो।
जब एक साधारण व्यक्ति असाधारण पद पर बैठता है —
तो संविधान जीतता है, लोकतंत्र जीतता है, हर भारतीय जीतता है।
"पद बड़ा नहीं होता — सोच बड़ी होती है।"
लेकिन इस व्यवस्था को स्थापित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सोच के साथ मत अधिकर को अपनाना होगा। तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।
जन्मदिन मुबारक हो राष्ट्रपति जी को🌸🇮🇳

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