दुनिया उन चंद लोगों के किये हुये काम से जिंदा है, जिन्होंने जनता की मंजिल को अपनी समाधि पर खड़ा किया
Sep 23, 2020दुनिया उन चंद लोगों के किये हुये काम से जिंदा है, जिन्होंने जनता की मंजिल को अपनी समाधि पर खड़ा किया हुआ है, और लोग जश्न में डूबे हुये है #रीताभुइयार #reetabhuiyar
कुछ पाने की खुशी और छोड़ने का दुःख, यदि दोनों शून्य हो जाये तो, "मनुष्य" ज्ञान के अंतिम शिखर पर होता
Sep 20, 2020कुछ पाने की खुशी और छोड़ने का दुःख, यदि दोनों शून्य हो जाये तो, "मनुष्य" ज्ञान के अंतिम शिखर पर होता है, The joy of getting something and the sadness of giving up, if both become zero, "man" is at the last peak of knowledge,
संसार को देखने व घूमने के लिये मनुष्य को काम करना था, लेकिन मनुष्य संसार की वस्तुओं को खरीदने व बेचन
Sep 19, 2020संसार को देखने व घूमने के लिये मनुष्य को काम करना था, लेकिन मनुष्य संसार की वस्तुओं को खरीदने व बेचने में लग गया, बेचते व खरीदते हुये कब इंसान ने जीवन बेच दिया और मौत का कफन खरीद लिया उसको पता ही नहीं चलता... रीता भुइयार
The talk of gardens is different. But a courtyard tree also adorns. Suppose that parties form gove
Sep 17, 2020The talk of gardens is different. But a courtyard tree also adorns. Suppose that parties form government today. But independents also seek the courtyard tree in the democratic participation of the public. People who have cut themselves from their
